श्री पुष्कर सिंह धामी
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
डॉ. धन सिंह रावत
माननीय कैबिनेट मंत्री, सहकारिता

कृषक प्रसार सेवा योजना

‘कृषक प्रसार सेवा योजना’ के तहत, निगम किसानों को उनके द्वारा उत्पादित खाद्यान्नों के वैज्ञानिक भंडारण के तरीकों पर प्रशिक्षण और विस्तार सहायता प्रदान करता है।

इस योजना का उद्देश्य किसानों को ऐसा ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, जिससे वे अपनी कृषि उपज को सुरक्षित रूप से भंडारित कर सकें, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम कर सकें और गुणवत्ता मानकों को बनाए रख सकें। जागरूकता कार्यक्रमों और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से, किसानों को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है:

1- वैज्ञानिक भंडारण तकनीकें

2- नमी नियंत्रण और अनाज संरक्षण के तरीके

3- कीटों और चूहों से बचाव

4- सुरक्षित रख-रखाव और अनाज की ढेरी लगाने के तरीके

भंडारण के उचित तरीकों को अपनाकर, किसान अपनी उपज को खराब होने से बचा सकते हैं और मजबूरी में कम दाम पर बेचने (डिस्ट्रेस सेल) से बच सकते हैं; जिससे उन्हें अपने खाद्यान्नों के लिए बाज़ार में बेहतर और अधिक लाभकारी मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलती है।

यह योजना ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने, खाद्य सुरक्षा में सुधार करने और राज्य की समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में योगदान देती है।